Thursday, 12 August 2021

थक गया हूं पर.....।

 थक गया हूं पर हारा नहीं, मुश्किलों को देख मुस्कुराता हूं,

लंबा सफर है चलने के लिए, हिम्मत से कदम बढ़ाता हूं। 

बहुत कंकड़ हैं रास्ते पर, कभी कभी घबरा जाता हूं, 

दिल में हिम्मत के दीप जलाकर , फिर चलता जाता हूं। 

थक गया हूं पर ........। 

बहुत तोड़ा है लोगों ने मुझको, मै फिर खड़ा हो जाता हूं, 

हारना मैने सिखा नहीं, हार कर भी जीत जाता हूं। 

पार होगा ये लंबा सफर, ये गीत मैं गुनगुनाता हूं, 

थक गया हूं पर हारा नहीं, मुश्किल को देख मुस्कुराता हूं।

सूरज भी आया, चाँद भी आया,

अन्धियारा भी आया, उजाला भी आया,

कभी समझाया, कभी डराया , कभी उठाया, कभी गिराया, 

मैं चलता रहा, पर मंजिल मेरी, कोई भटका ना पाया। 

मंजिल पार करने की ठानी है, इसलिए आशाओं के दीप जलाता हूं, 

थक गया हूं पर हारा नहीं, मुश्किलों को देख मुस्कुराता हूं। 😊😊


~ अशोक राजपुरोहित