Monday, 19 July 2021

सही गलत में, मैं उलझ गया

सही गलत में, मैं उलझ गया,
समझ ना पाया, क्या सही, क्या गलत।
अगर सही सही है, तो सही के साथ क्यों गलत।
गलत अमीर, सही गरीब, क्या समझूं सही सही या सही गलत।
अगर सही सही तो रास्ता इतना कठोर क्यों,
हर मोड़ पर, मिलता क्यों, इतना अफसोस क्यों,
क्या बोलूं सही सही क्या सही गलत।
या फिर मैं समझूं, सही बड़ा अनमोल है,
इसका न कोई तोल है,
खरीदार नहीं, सही को खरीदने के लिए,
सफर लंबा है, चलने के लिए।

 ~ अशोक राजपुरोहित

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