Tuesday, 18 May 2021

एक सुबह होगी

एक सुबह होगी


जब लोगो के कंधो पर ऑक्सिजन सिलेंडर नही दफ्तर का बैग होगा

गली में एंबुलेंस नही स्कूल की वैन होगी

और भीड़ दवा खानो पे नही चाय की दुकानो पर होगी।


एक सुबह होगी


जब पेपर के साथ पापा को काढ़ा नही चाय मिलेगी,

दादा जी बाहर निकल के बेखौफ पार्क में गोते लगाएंगे,

और दादी टेरेस पर नही मंदिर में जल चढ़ा के आयेंगी।


एक सुबह होगी


जब हाथो में कैरम और लूडो नही बैट और बाल होगा,

मैदानो में सन्नाटे नही शोर का भार होगा,

और शहरो की सारी पाबंदी हटेगी और फिर से त्योहार होगा।


एक सुबह होगी


जब जी भर के सबको गले लगाएंगे,

कड़वी यादों को दफन कर फिर से मुस्कुराएंगे,

और दुनिया को कह देंगे नज़र झुका लो हम वापस आए है।


तब तक के लिए -


दो गज़ की दूरी, मास्क है ज़रूरी


Be safe and take care


🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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