Friday, 27 November 2020

 असली पहलवान की पहचान अखाड़े में नहीं, ज़िंदगी में होवे है, ताकि जब ज़िंदगी तुम्हें पटके तो तुम फिर खड़े हो और ऐसा दाव मारो कि ज़िंदगी चित्त हो जाए !! ( फ़िल्म सुल्तान)