Sunday, 19 January 2014

कही पढी खूबसूरत पंक्तियां ::::


उड़ान वालों उड़ानों पे वक़्त भारी है परों की नहीं अब हौसलों की बारी है..!!

फीलिंग ... वाह वाह !!! परों की नही अब हौंसलों की बारी है 

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